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पूरक अंको में घटनाओं से सम्बन्धित तथ्यात्मक सूचना, प्रसिद्ध व्यक्तियों के जीवन चरित्र वृत्तान्त, सामयिक सांख्यिकी, खेल की घटनाएं

पूरक अंको में घटनाओं से सम्बन्धित तथ्यात्मक सूचना, प्रसिद्ध व्यक्तियों के जीवन चरित्र वृत्तान्त, सामयिक सांख्यिकी, खेल की घटनाएं

3. व्यावसायिक व विषयगत जीवनी कोश - इनका क्षेत्र कोई एक व्यवसाय या विषय होता है। तथा उस व्यवसाय या विषय के प्रमुख व्यक्तियों का विवरण इनमें दिया जाता है, जैसे who's who of indian writers, directory of libraries and who's who in library profession in dehli sraila i
उपरोक्त वर्णित तीनों श्रेणियों की पुस्तकों को दो भागों में बांटा जा सकता है-
(1) ऐसे जीवनी कोश, जो प्रतिवर्ष प्रकाशित नहीं होती है,
(2) सामयिक जो प्रतिवर्ष प्रकाशित होती है तथा इनमें केवल जीवित प्रमुख व्यक्तियों की सूचना होती है ।

उपयोगिता

इन सन्दर्भ पुस्तकों से निम्नलिखित जानकारी प्राप्त की जा सकती है : -
1. ये विभिन्न विषयों से सम्बन्धित प्रमुख व्यक्तियों के बारे में संक्षिप्त परन्तु पूर्ण एवं
विश्वस्त सूचना प्रदान करते है ।
2. लेखक जो क्षद्मनाम से लिखते हैं, उनके वास्तविक नाम का पता चल जाता है ।
3. प्रमुख व्यक्तियों के घर के पते, टेलीफोन नम्बर आदि की सूचना भी मिल जाती है ।
4. समकालीन जीवनीकोश के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों पर विषयों में जो नये व्यक्ति पदार्पण करते है, उनका पता भी चल जाता है ।
5. मृत व्यक्तियों की मृत्यु तिथि का भी पता जीवनी काश से मिल जाता हैं ।
6. प्रमुख व्यक्तियों को जो पुरस्कार आदि मिलते है, उनका भी विवरण मिल जाता है ।

4.4 भौगोलिक स्रोत

ये वे सन्दर्भ स्रोत हैं जिनका उपयोग सभी प्रकार के भौगोलिक प्रश्नों का उत्तर खोजने में किया जाता है, तथा स्थान का विवरण, स्थान की स्थिति, पहाड़ की ऊँचाई, सागर की गहराई, राष्ट्रों की आबादी आदि । यद्यपि इस प्रकार की सूचना सामान्य विश्वकोश में भी मिल जाती है, परन्तु इसमें जानकारी संक्षिप्त होती है । भौगोलिक स्रोत में छोटी से छोटी सूचना भी दी जाती है। जिनके समावेश अन्य पुस्तकों में नहीं हो पाता है । भौगोलिक स्रोतों को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है :
1. गजेटियर एवं कोश - गजेटियर एवं कोश में विभिन्न प्रकार के भौगोलिक तथ्यों, आकडों, प्राकृतिक लक्षणों आदि की जानकारी दी जाती है । इनका व्यवस्थापन वर्णक्रमानुसार होता है । गजेटियर में सूचना काफी विस्तृत होती है । गजेटियर में विषय का वर्णन ऐतिहासिक लेखन के रूप में आ जाता है, परन्तु भौगोलिक कोश में सूचना संक्षिप्त होती है | जैसे गजेटियर आफ इण्डिया में जयपुर की सूचना काफी विस्तृत दे रखी है । इसे पढ़कर किसी स्थान की प्राचीन संस्कृति, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति की जानकारी प्राप्त हो जाती है । भौगोलिक कोश में जानकारी गजेटियर की तुलना में संक्षिप्त होती है, परन्तु इनमें मानचित्र काफी दिये जाते है ।।
2. मार्गदर्शक पुस्तकें - इन पुस्तकों का प्रकाशन पर्यटन विभाग तथा अन्य द्वारा पर्यटकों को स्थान के विषय में सूचना देने के लिए किया जाता है । इनमें दर्शनीय एवं ऐतिहासिक स्थानों के नाम, विवरण, आवास, मौसम आदि की सम्पूर्ण सूचना दी जाती है । इनमें मानचित्र भी होते है।
जो रेल, बस, वायुयान का किराया, दूरी आदि की सूचना देते हैं । उदाहरणार्थ fodors india, guide to kashmir इत्यादि ।
3. मानचित्रावली एवं ग्लोब - ये सन्दर्भ स्रोत स्थानों की या अन्य प्राकृतिक तथ्यों की जानकारी देते है। इनमें लिखित सूचना बहुत कम होती है । मानचित्र को देखकर एक स्थान से दूसरे स्थान 'की दूरी, मुख्य हवाई अड्डे, रेल पथ, राजधानी आदि की जानकारी शीघ्रता से प्राप्त की जा सकती है ।
उपयोगिता 1. प्राकृतिक तथ्यों से सम्बन्धित सभी प्रकार के प्रश्नों के उत्तर इन्हें देखकर दिये जा
सकते है । उदाहरणार्थ सबसे ऊँची पर्वत चोटी का नाम, भारत का सबसे अधिक आबादी
वाला शहर आदि । 2. स्थानों के नाम का उच्चारण भी इनमें मिल जाता है । 3. उन स्थानों के नाम जो बाद में प्रवर्तित हो गये, वह सूचना भी इनमें मिल जाती है, जैसे
श्रीलंका का पहले वाला नाम, आदि । | 4. विभिन्न देशों की जनसंख्या का पता भी लग जाता है ।

4.5 वार्षिकी एवं विश्वकोश के पूरक अंक एवं समकालीन स्रोत

वार्षिकी एवं विश्वकोश के पूरक अंक एवं समकालीन सन्दर्भ पुस्तकें होती है । विलियम कैट्ज के अनुसार वार्षिकी किसी वर्ष विशेष से सम्बन्धित तथ्यों तथा सांख्यिकीय विवरणों की एक संक्षिप्त कृति होती है | ए एल ए शब्दावली के अनुसार "वर्णनात्मक अथवा सांख्यिकीय रूप में सामयिक सूचना के किसी वार्षिक अंक, जो कभी-कभी किसी विशिष्ट क्षेत्र तक ही सीमित होता है, उसे वार्षिकी कहते है । " वार्षिकी वास्तव में सामयिक सूचना की संक्षिप्त कृति होती है। जिसका उद्देश्य पूर्व वर्ष में घटित सभी प्रकार की घटनाओं एवं क्रियाकलापों का विवरण प्रस्तुत करता है । इसमें सूचना नवीनतम होती है। । विश्वकोश के पूरक अंकों को भी वार्षिकी कहते है | इन्हें- विश्व-कोश के प्रकाशक विश्वकोशों के लेखों की सूचना को अद्यतन रखने के लिए प्रकाशित करते है । अत: इनके पूरकों में अद्यतन सूचना सामग्री नवीनतम विकास की सूचना तथा घटनाचक्रों की सूचना निहित होती है । इन पूरक अंको में घटनाओं से सम्बन्धित तथ्यात्मक सूचना, प्रसिद्ध व्यक्तियों के जीवन चरित्र वृत्तान्त, सामयिक सांख्यिकी, खेल की घटनाएं तथा वर्ष की नवीन सूचनाओं का विवरण मिलता है । समकालीन सन्दर्भ स्रोत वे सूचनाएं देते है जो वर्ष से भी क्रय अवधि में घटती है। तथा जिनका समावेश वार्षिकी में नहीं हो पाता है | इन स्रोतों को निम्न श्रेणियों में बांटा जा सकता है
विश्वकोश पूरक ग्रन्थ - विश्वकोश में संग्रहित सूचना को अद्यतन रखने के लिये प्रतिवर्ष एक पूरक अंक प्रकाशित करता है, जिसमें उस वर्ष में घटित नई सूचना होती है जैसे Britanniea book of the year
विशिष्ट वार्षिकी-इन सन्दर्भ ग्रन्थों का क्षेत्र एक विषय की प्रगति या हास को मनाता है। जैसे demographic year book

4.6 सांख्यिकीय स्रोत

आंकड़ों से सम्बन्धित स्रोतों का उपयोग दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है । इनका उपयोग अनुसंधान, अध्यापन, व्याख्यान, उद्योगों की स्थापना एवं अनेक प्रकार के निर्णय लेने में किया जाता है | ये सांख्यिकीय आकड़े विभिन्न प्राथमिक सूचना स्रोतों में बिखरे रहते है, अतएव वितीयक सूचना स्रोत उन्हें एकत्रित कर एक स्रोत के अन्तर्गत विभिन्न शीर्षकों के अन्तर्गत इस प्रकार से व्यवस्थित करते है कि उन्हें तुरन्त खोजा जा सके । 4.7 हस्तपुस्तिकाएं
वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं प्रयोगशालाओं में कार्यरत कर्मचारियों को हस्तपुस्तिकाओं की आवश्यकता पड़ती है । इन पुस्तिकाओं में विभिन्न प्रकार की सूचनाओं को सुव्यवस्थित एवं संक्षिप्त रूप में व्यवस्थित एवं प्रस्तुत किया जाता है । 

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